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Thursday, 10 January 2013

चावल के लड्डू - Chawal ke Laddoo



किसी भी काम की शुरुआत अक्सर मीठे से ही की जाती हे। और मीठे में हमारे राजस्थान में लड्डू का अपना अलग ही मजा हे। बूंदी के लड्डू तो में पहले ही share कर चुकी हु। आज कुछ नए लड्डू भी try करते हे। चावल के लड्डू केरल की पारंपरिक मिठाइयो में से हे।

ध्यान देने की बाते -
चावल के लड्डू पारंपरिक तौर पर कच्चे चावलों को सेक कर फिर उनके आटे से बनाये जाते हे। पर हम सुविधा के लिए चावल का आटा भी काम में ले सकते हे।
केरल में पारंपरिक लड्डू गुड से बनते हे। अगर हम चाहे तो गुड की जगह चीनी भी कम में ले सकते हे।
किसी भी मिठाई में चार चाँद घी से लगता हे पर इसमें हम घी की जगह ढूढ़ या पानी भी कम में ले सकते हे।

चावल के लड्डू ( Rice Ladoo )

सामग्री -
चावल - 1 कप या चावल का आटा - 1 कप
लड्डू बाँधने के लिए -
घी - थोडा सा या ढूध - थोडा सा
गुड - 3/4 कप या चीनी - 1 कप
पीसी छोटी इलाइची - 1 छोटा चम्मच
बादाम और पिस्ता की कतरन - 2 बड़े चम्मच
गुलाबजल - 2 - 4 बूँद

विधि -
चावल ( या चावल का आटा ) को एक भारी तले की कढाई में मध्यम आंच पर सेक ले। ध्यान दे की चावल अच्छे से सिक जाये और हलके भूरे रंग के हो जाये। आप अगर चाहे तो थोडा और गहरा रंग आने तक सेक सकते हे। बस स्वाद में थोडा और कड़क स्वाद हो जायेगा जो की पूरी तरह से आप और आपके परिवार के स्वाद पर निर्भर करता हे। इसी तरह अगर आप आटा काम में ले रहे हे तो उसे भी भुन ले।
चावल भुन जाने पर उन्हें हल्का ठंडा होने के लिए रख दे फिर उन्हें एक महीन पाउडर जितना पीस ले।

अब एक कढ़ाही में नारियल को माध्यम आंच पर सेक ले। जब ये अच्छा सिक जाये तब इसमें किसा हुआ गुड डाले। और हल्का सेक ले। सिर्फ इतना ही सेकना हे की ये हल्का गरम हो जाये तो नरम होकर लड्डू बाँधने जेसा हो जाये।

लड्डू बांधना -
इस तैयार गुड के मिश्रण को चावल के आटे में मिला दे। मेवे, इलाइची पाउडर मिलाये। हाथो पर हल्का पानी लगा कर लड्डू बांधे। अगर लड्डू बंधने में दिक्कत आ रही हो लड्डू का मिश्रण सख्त हो तो इसमें ढूढ़ या घी अपने स्वाद के अनुसार इतना मिलाये जितने से मिश्रण लड्डू बंधने जेसा हो जाये। सजावट के लिए चांदी का वर्क और केसर काम में ले।

कुछ हटके -
(अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
- गुड को हल्का गरम करने के बजाये इसे चाशनी बना कर भी लड्डू बनाये जा सकते हे। इसके लिए 1 कप पानी में गुड और केसर और इलायची दल कर पकाए। इसे उबलने तक पकाए और ऊपर से चाशनी की गन्दगी को हटा कर साफ कर दे। अब इसे भुने आटे और भुने नारियल में मिला कर लड्डू बनाये।
- नारियल को आप चाहे तो बिना भुने भी काम में ले सकते हे। बस ये सब आपकी imagination और स्वाद पर हे की कितना स्ट्रोंग स्वाद आप पसंद करते हे।
- किसी से बात करते हुए मुझे ये भी पता चला की ये लड्डू तेल में तल कर भी बनाये जा सकते हे। इसके लिए चावल के आटे में नारियल और किसा हुआ गुड और मेवे मिला कर हल्का ढूढ़ या घी या पानी दाल कर लड्डू बना ले फिर इसे गरम तेल में तल ले। ठंडा होने पर खाए और खिलाये। ये मेने try नहीं किये अगर आप करे तो मुझे बताये केसे लगे। में भी try करुँगी।

Thursday, 6 December 2012

बूंदी के लडडू - Boondi ke Laddoo



बूंदी के लड्डू किसी भी शुभ उत्सव के लिए हमेशा ही perfect होते हे। ऐसे में अगर इस बार हम अपने उस शुभ कम को अपने हाथो के बने लड्डू के साथ match up करे तो होगी ना वो मीठी शुरुआत।

ध्यान देने की बाते -
लड्डू के लिए बनाने वाली बूंदी की मोटाई हमारे पास available झारा ( छेद वाली कलछी / झविया ) पर depend करता हे। अगर मोतीचूर के लड्डू चाहिए तो बारीक छेद वाली झारा लीजिये।
बेसन नार्मल बारीक बेसन ही काम
में लेना हे।
वेसे तो बूंदी सबसे बढ़िया taste या स्वाद घी में ही देती हे पर हम चाहे तो यहाँ घी की जगह रिफाइन्ड भी कम में ले सकते हे।

बूंदी के लड्डू ( Boondi Ladoo )

सामग्री -
बेसन - 250 ग्राम ( ढाई कप)
घी - 400 ग्राम ( तलने के लिए )
ढूध - 1 गिलास
चीनी - 500 ग्राम ( 5 कप)
पीसी छोटी इलाइची - 1 छोटा चम्मच
बादाम और पिस्ता की कतरन - 2 बड़े चम्मच
सुखी गुलाब की पत्तिया - 1 बड़ा चम्मच
गुलाबजल - 2 - 4 बूँद

विधि -

बेसन का घोल -
बेसन को छान ले और ढूध को मिला कर घोल ले। घोल में lumps यानि गुठलिया नहीं होनी चाहिए। ये घोल इतना पतला होना चाहिए की झारे पर डालने से नीचे से बूंदी जेसा drop drop निकले । इसके लिए चाहे तो एक साथ पूरा ढूध मिलाने की जगह धीरे धीरे करके ढूध मिलाये। इस घोल को 5 मिनिट तक अच्छा फेट ले। चाहे तो इसमें 1 स्पून घी दाल कर भी फेट सकते हे।

चाशनी -
एक पतीले में 1 ग्लास पानी गरम करके चीनी मिला कर चाशनी बना ले। ये चाशनी इतनी गाढ़ी होनी चाहिए की अगर एक बूँद आप प्लेट पर डाले और फिर अपनी अन्घुठे और ऊँगली से चेक करे तो वो हलके चिपकने चाहिए। चाशनी को साफ करने के लिए उबलते समय उसमे एक स्पून ढूध डाल दे। इससे चाशनी में झाग बन जायेंगे और सारा कचरा झाग में ऊपर आ जायेगा। इसे एक चम्मच से अलग हटा दे।

बूंदी तलना -
एक कढ़ाही में तलने के लिए घी गरम करे। घी को कितना गरम करना हे ये चेक करने के लिए उसमे एक एक ड्राप बूंदी का घोल डाले। अगर बूंदी तले से ऊपर आ जाये तो घी पर्याप्त गरम हे। घी के गरम होने पर एक बड़े झारे को कढ़ाही के ऊपर रख कर उस पर एक बड़ा चम्मच बेसन का घोल डाले। झरे को हिलाना नहीं हे। जब बूंदी अपने आप उसमे से गिरना बंद हो जाये तो उसे हटा दे। दुसरे झारे से बूंदी ताल ले। सुनहरा पीला रंग होने तक तले।

लड्डू बांधना -
अब इस बूंदी को चाशनी में डाले। सरे घोल की बूंदी बना ले और सब को चाशनी में डाल दे। अब इसमें गुलाब की पत्तिया , मेवे, इलाइची पाउडर मिलाये। हाथो पर हल्का पानी लगा कर लड्डू बांधे। चाहे तो वर्क से सजाये।

कुछ हटके -
(अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
- बूंदी को चाशनी में नहीं डाले तो ये फीकी बूंदी रायते में भी काम ले सकते हे।
- फीकी बूंदी को गरम में ही चाट मसाला, और बाकि मसाले मिला कर नमकीन में मिला सकते हे।
- लड्डू न बना कर मीठी बूंदी को ऐसे ही मेवे मिलाये, उसे बाउल में डाले फिर ऊपर से क्रीम दल कर सर्व करे।
- क्रीम की जगह वनिला आइसक्रीम भी try की जा सकती हे।