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Wednesday, 8 May 2013

श्री खंड - गर्मी का ठंडा और मीठा दोस्त


श्री खंड - गर्मी का ठंडा और मीठा दोस्त 

 गर्मियों की गरम हवा, लू के थपेड़े, तेज आंधिया ये सब सोचने पर ही दिमाग गरम हो जाता हे और पसीने निकलने लगते हे. और जब ये  सब बाहर सहन करते हुए घर में घुसते हे तो मन करता हे कुछ ठंडा और मीठा खाने को मिल जाये. लेकिन बढती बीमारियों के दौर में बाहर का कुछ खाना नुक्सान देता हे.

ऐसे में कुछ हल्का मीठा जो की पेट में भी भारीपन न करे ऐसा मिल जाये तो बस फिर क्या बात हे. तो आज ऐसा ही कुछ try  करते हे.  तो आज दही के गुणों से भरपूर श्रीखंड बनाते हे.

सामग्री - 

दही - १ किलो
पीसी शक्कर  - १०० ग्राम
छोटी इलाइची पाउडर - २ चुटकी
किसे हुए काजू - २ छोटी चम्मच
पिस्ता कतरन - १ छोटी चम्मच
केसर - १ चुटकी
बादाम - कतरन - १ चम्मच 
मक्खन - 50  ग्राम

विधि - 

इसके लिए जितना हो सके एकदम ताजा और गाडा दही कम में लेना हे. दही को मलमल के कपडे या किसी पतले कपडे में लटका कर उसका पानी निकलने दे. 3  - 4  घंटे के बाद इसे कटोरे में निकाल कर इसमें शक्कर और इलाइची पाउडर मिला कर 10 मिनट  के लिए अच्छे से फेंट ले. केसर की २ - 4  कतरन छोड़ कर बाकि को ढूध में भिगो कर रख ले. अब इसमें ड्राई फ्रूट्स और मख्खन मिला ले. अब इसे आधे घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दे. परोसने से ठीक पहले इसमें दूध वाला केसर मिलाये, एक बार और फेंटे और फिर इसमें केसर और बादाम से सजा कर परोसे.

कुछ नया - 

१. पारम्परिक श्रीखंड तो हम सभी खाते आये हे. अगर इसमें कुछ नया taste मिलाया जाये तो मजा अयेगा. कुछ different करने के लिए इसमें बाज़ार में मिलने वाली टूटी फ्रूटी मिक्स की जा सकती हे.

2 . श्रीखंड के अलग अलग फ्लेवर उसमे काजू, किशमिश , वैनिला एसेंस, रोज वाटर, केवडा जल, बादाम, फ्रेश फ्रूट्स मिला कर बनाये जा सकते हे.

३. आम श्रीखंड के लिए आम का पल्प मिला सकते हे. ऐसे ही चीकू straberry , केला, भी मिला सकते हे. 

आपको ये केसा लगा जरुर बताइए -

naarime @ gmail .com


Tuesday, 29 January 2013

मटर पुलाव (Peas Pulav / Matar Pulav )

मटर पुलाव ( Matar Pulav )

सर्दी हो या गर्मी किसी भी पार्टी में या कभी अगर मेहमानों को यु ही खाने पर बुलाया हो तो खाने में चावल का अपना अलग ही जगह हे। ऐसे में अगर सादे चावलों की जगह उनमे कुछ और स्वाद मिला कर बनाया जाये तो मजा और भी बढ़ जाता हे। तो आज कुछ सिम्पल और फटाफट चावल की रेसिपी बनाते हे।

मटर पुलाव 

सामग्री - 

चावल - 2 छोटी कटोरी
मटर - 3/4 छोटी कटोरी 
देसी घी - 2 बड़े चम्मच
लौंग - 2 
छोटी इलाइची - 1
दालचीनी - छोटा टुकड़ा
काली मिर्च - 2 - 3
जीरा - छोटा आधा चम्मच
नमक - स्वादानुसार 
पानी - 4 छोटी कटोरी

चावलों को अच्छे से पानी से  धोकर आधे घंटे के लिए भिगो के रख दे। अब एक पेन में घी गरम करे उसमे जीरा और  सारे खड़े गरम मसाले डाल ले। जीरे की खुशबू आने पर उसमे मटर ड़ाल कर हल्का तल  ले। अब इसमें चावल मिला कर हलके हाथो से हिला ले। चावल हल्का भून जाने पर चावल से दुगनी मात्रा में पानी मिला कर तेज आंच पर उबाल आने दे। अब एक उबाली के बाद इसे ढक कर सिम आंच पर 10 मिनिट के लिए पकने दे। 10 मिनिट बाद एक बार देख ले हल्का हिला कर की चावल पके हे या नहीं। अगर पक गए तो आंच बंद करके ढक्कन लगा कर 1 मिनिट के लिए ऐसे ही रख दे।

फिर गरमा गरम पुलाव परोस कर मजा ले।

Friday, 25 January 2013

बाजरा की खीचड़ी ( Bajra ki khichadi )



सर्दियों की आहट आते ही हमारे राजस्थान में बाजरे का घर में आगमन हो जाता हे। बाजरे के नए नए पकवान नयी नयी विधियों से बनाये जाते हे। इनमे सबसे मशहूर में से एक हे बाजरे की खीचड़ी। ये एक ऐसी खीचड़ी हे जो थोड़ी अलग हे और गरिष्ठ भोजन में include होती हे। ये शरीर में गर्मी करती हे और राजस्थान की तेज सर्दी  में शरीर को बचाए रखती हे। इसका असली स्वाद खूब सारा घी और गुड मिला कर खाने में आता हे।
ये खीचड़ी अलग लोग अलग तरीके से बनाते हे। कुछ लोग इसे घी का तड़का दे कर बनाते हे। और कुछ इसे सादे तरीके से बनाते हे। में यहाँ दोनों ही तरीके शेयर कर रही हु। आपको जो पसंद आये वो ही try करे।

ध्यान देने की बाते - बाजरे की खीचड़ी का स्वाद सबसे ज्यादा इस बात पर निर्भर करता हे की बाजरे की  भूसी / लूघ्सी/ छिलका कितना अच्छे से उतरा गया हे। इसके लिए थोड़ी मेहनत की जरुरत हे। लेकिन यकीन करिए की ये मेहनत स्वाद बहुत ही अच्छा देने वाली हे।

सामग्री -

बाजरे की मिगी - 1 कप 
मूंग की धूली दाल - 1/4 कप 
नमक - स्वादानुसार

तड़के के लिए -
घी - 2 बड़े चम्मच
हींग - चुटकी भर
जीरा - आधा छोटा चम्मच


बाजरे का छिलका उतरना - इसके लिए बाजरे को हल्का पानी का छीटा मार कर नम कर ले। इसे 5 मिनिट के लिए ऐसे ही रख दे। अब पारंपरिक तरीके में तो इसे खरल / ओखली में डाल कर इतना कुटे की भूसी अलग होने लगे। जितना अच्छे से कूटेंगे उतना ही अच्छे तरह से छिलका उतरेगा। लेकिन इसमें एक twist हे की अब इस तरीके को और आसानी से किया जा सकता हे। इस नम बाजरे को मिक्सी में लेकर 1 round पीस दे। ध्यान रहे सिर्फ एक मामूली सा चक्कर ही चलाना हे। देख ले अगर छिलका उतरा न हो अच्छे से तो एक और round पीस दे। अब इसे एक थाली में लेकर फटकार देकर इस भूसी को बाजरे की मिगी (मोटा टुकड़ा) से अलग कर ले। अब ये जो मिगी हे खीचड़ी बनाने के लिए तैयार हे।

तडके वाली खीचड़ी - कूकर में घी लेकर गरम कर ले। जब गरम हो जाये तब उसमे हींग जीरे का तड़का देकर इसमें बाजरा और दाल मिला कर इनकी मात्र के 4 गुना पानी मिला ले। अब नमक मिला कर कूकर बंद कर दे। 3 सीटी तेज आंच में ले और 1 सीटी धीमी आंच में ले।

 सादी खीचड़ी - सादी के लिए बिना तडके के बाजरा और दाल को कूकर में पानी के साथ गैस पर चढ़ा दे। ऊपर दिए तरीके की तरह 3 सीटी तेज आंच में और 1 सीटी धीमी सीटी में ले।

कूकर की गैस पूरी तरह से निकलने के बाद खीचड़ी को अच्छी तरह से घोट ( मिला) ले। अब प्लेट में सर्व करके इस पर अपनी इच्छा के अनुसार घी मिलाये और गुड मिलाये और स्वाद ले गरम गरम खीचड़ी का।
आप चाहे तो बिना गुड के भी इसे try कर सकते हे। ये ऐसे भी बहुत स्वाद लगती हे।

कुछ अलग -

1. बाजरे का पुलाव - तडके वाली खीचड़ी में तडके में फ्रेश सब्जिय जेसे गाजर, मटर, पत्तागोभी और आलू , टमाटर, हरी मिर्च, अदरक  मिला कर उन्हें थोडा सा fry  कर फिर बाजरा और दाल मिलाये। इसमें लाल मिर्च थोडा सा गरम मसाला, थोडा सा चाट मसाला मिला कर कूकर बंद कर पकाए। फिर पकने के बाद इस पर हरा धनिया बुरक कर खाए और खिलाये। नया और मजेदार बाजरे का पुलाव तैयार हे।

2. बाजरे की खीचड़ी ढूध  के साथ - देसी तरीको में एक तरीका ये भी हे की सादी खीचड़ी में ढूध मिला कर खाया जाता हे।

3. बाजरे की लापसी - पकाने के समय नमक की मात्र बहुत ही कम करके, उसमे गुड और ढूध मिला कर पकाए। छोटे बच्चो के लिए ये एक बहुत ही पोष्टिक और पूरक खाना हे जो की उनके शरीर को गर्मी देगा। अगर चाहे तो गुड की जगह चीनी भी उसे कर सकते हे।

4. बच्चो के लिए रेसिपी - बच्चों को देने के लिए ऊपर लिखी लापसी में कुछ नरम फ्रूट्स जेसे केला या pear या चीकू भी मिलाया जा सकता हे। ये एक अलग फ्लेवर तो देगा ही बल्कि इसकी पोष्टिकता को भी बढ़ा देगा।






Wednesday, 16 January 2013

टमाटर - मिर्च की चटनी ( chilli-Tomato chutney )


खाने में varity हो तो खाना खाने का मजा ही बढ़ जाता हे। और ये varity नार्मल सब्जी रोटी के अलावा आचार और चटनी से दुगुना हो जाता हे। इसी सिलसिले में आज एक ऐसी चटनी मै share कर रही हु जो झटपट तैयार हो जाती हे।

टमाटर - मिर्च की चटनी ( Tomato - chilli chutney )

 सामग्री -

टमाटर - 4
मिर्च (बड़ी, पतली) - 8
अदरक - 1 छोटी गाठ
मेथी दाना - 6 - 7
राइ - आधा छोटा चम्मच
जीरा - आधा छोटा चम्मच
करी पत्ता - 6 - 7
बटर या तेल - 2 छोटे चम्मच
नमक - स्वादानुसार

हल्दी - 1 चौथाई चम्मच
धनिया पाउडर - 1 चम्मच

विधि -


टमाटर और मिर्च को बारीक काट के रख ले। अदरक को कूट कर बारीक कर ले। चाहे तो अदरक के छोटे छोटे टुकड़े भी काट सकते हे। अब एक फ्राइंग पेन में तेल गरम करने रख दे। हल्का गरम होने पर इसमें दाना मेथी और करी पत्ता डाल ले। अब इसमें राइ और जीरा भी तड़का ले। जब जीरा हल्का भुन जाये और दाना मेथी की हलकी सुगंध आने लगे तब इसमें अदरक डाले। अदरक के हल्का भूनने के साथ ही इसमें टमाटर और मिर्च मिला ले। अब इसमें सारे सूखे मसाले मिला कर तेज आच पर भुन ले। जब ये हल्का तेल छोड़ने लगे तो गैस सिम कर के इसे सिर्फ 3 minut के लिए डक  कर पकने दे।ढकने से पहले टमाटर को चमचे से हल्का मैश कर ले। अगर ये थोडा dry लगे तो इसमें 2 बड़े चम्मच पानी मिला ले।
3 मिनिट बाद tangy चटनी तैयार हे।

 कुछ हटके -
 चलिए 1 तीर 2 निशाने लगाये। कुछ हटके try करे।

 - इस चटनी को मिक्सी में पीस कर तड़का दे कर भी try किया जा सकता हे।
-  इसमें नया taste add  करने के लिए इसमें 1 चम्मच चीनी भी मिलायी जा सकती हे।
- मिक्सी में पीसी हुई चटनी को ऊपर से तड़का देकर cold bread spread की तरह से भी use कर सकते हे। पर इस तरह से use करने के लिए इसमें मिर्ची की मात्र कम कर दे।
- गरम चटनी में चीनी की जगह गुड मिला कर और थोडा सा किसा हुआ नारियल मिला कर बनाने से इस dish को एक नया ट्विस्ट मिल जायेगा।

Friday, 11 January 2013

तूअर दाल सूप - Toor Dal Soup - साउथ इंडियन सूप (south Indian Soup )



सर्दियों की भीनी भीनी आहट हो गयी हे। अब एक प्याली के चाय की जगह अगर हर शाम एक बाउल सूप ले तो ये हमारी एक नयी और different पहल तो होगी ही। उसके साथ ही सेहत सुधारने की तरफ हमारा नया कदम होगा। सूप के अलग अलग variation बच्चो और बड़ो दोनों को ही काफी भाते हे।

 साउथ इंडियन सूप (south Indian Soup )

 सामग्री -
 तुअर दाल  - 1 मुठी
 वेजिटेबल स्टॉक - 3 कप
किसा हुआ नारियल - 2 छोटे चम्मच
अदरक - 1 छोटी गाठ
हरी मिर्च - 1
उबले चावल - 2 बड़े चम्मच
राइ - आधा छोटा चम्मच
करी पत्ता - 6 - 7
बटर या तेल - 2 छोटे चम्मच
नमक - स्वादानुसार

विधि -

 वेजिटेबल स्टॉक -
 सीजन में उपलब्ध सब्जिया ले ( टमाटर , पत्तागोभी, फूलगोभी, मटर, गाजर और कोई अन्य आपके पसंद के सब्जी ) इन सब सब्जियों को अच्छे से धो के काट ले। फिर इन्हें प्रेशर कूकर में 3 सीटी तक पका ले। फिर ठंडा होने पर पीस ले। अब इसे छान ले। ये जो छाना हुआ पानी हे ये वेजिटेबल स्टॉक हे।

दाल -
तुअर दाल को 2 घंटे भिगो के रख दे। अब इस भीगी दाल को 1 कटोरी पानी डाल कर पका ले। दाल पूरी तरह से गलने पर ब्लेंडर से ब्लेंड करके छान ले।

 सूप -
 एक फ्राइंग पेन में 1 छोटा चम्मच बटर ले और गरम करे। इसमें कुटी अदरक, कटी हरी मिर्च डाल कर हल्का भुने। अब इसमें किसा हुआ नारियल दाल कर 2 - 4 मिनट सेके। अब इसमें वेजिटेबल स्टॉक और दाल का पानी मिला ले। नमक डाले और 5 मिनिट  के लिए सिम पर ढक्कन रख कर पकने दे। इससे सारे फ्लेवर आपस में बहुत ही अच्छे से मिक्स हो जायेंगे।

तड़का -
बचे हुए बटर को तड़का पेन में गरम करे। इसमें गरम होने पर राइ, करी पत्ते डाले इस तडके को सूप में मिलाये। और एक और उबाल ले कर इस गरमा गरम सूप को सब के साथ बेठ कर खाए खिलाये।

 कुछ हटके -
 (अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
 - वेजिटेबल स्टॉक का जो छानने के बाद बचा हुआ गाढा पेस्ट हे उसमें बेसन और चावल का आटा मिला कर उसमे मनपसन्द मसाले डालिए। इसके डायरेक्ट पकोड़े बनाये जा सकते हे या इसे एक फिलिंग की तरह से इस्तेमाल करके पराठे भी बनाये जा सकते हे।

Thursday, 10 January 2013

चावल के लड्डू - Chawal ke Laddoo



किसी भी काम की शुरुआत अक्सर मीठे से ही की जाती हे। और मीठे में हमारे राजस्थान में लड्डू का अपना अलग ही मजा हे। बूंदी के लड्डू तो में पहले ही share कर चुकी हु। आज कुछ नए लड्डू भी try करते हे। चावल के लड्डू केरल की पारंपरिक मिठाइयो में से हे।

ध्यान देने की बाते -
चावल के लड्डू पारंपरिक तौर पर कच्चे चावलों को सेक कर फिर उनके आटे से बनाये जाते हे। पर हम सुविधा के लिए चावल का आटा भी काम में ले सकते हे।
केरल में पारंपरिक लड्डू गुड से बनते हे। अगर हम चाहे तो गुड की जगह चीनी भी कम में ले सकते हे।
किसी भी मिठाई में चार चाँद घी से लगता हे पर इसमें हम घी की जगह ढूढ़ या पानी भी कम में ले सकते हे।

चावल के लड्डू ( Rice Ladoo )

सामग्री -
चावल - 1 कप या चावल का आटा - 1 कप
लड्डू बाँधने के लिए -
घी - थोडा सा या ढूध - थोडा सा
गुड - 3/4 कप या चीनी - 1 कप
पीसी छोटी इलाइची - 1 छोटा चम्मच
बादाम और पिस्ता की कतरन - 2 बड़े चम्मच
गुलाबजल - 2 - 4 बूँद

विधि -
चावल ( या चावल का आटा ) को एक भारी तले की कढाई में मध्यम आंच पर सेक ले। ध्यान दे की चावल अच्छे से सिक जाये और हलके भूरे रंग के हो जाये। आप अगर चाहे तो थोडा और गहरा रंग आने तक सेक सकते हे। बस स्वाद में थोडा और कड़क स्वाद हो जायेगा जो की पूरी तरह से आप और आपके परिवार के स्वाद पर निर्भर करता हे। इसी तरह अगर आप आटा काम में ले रहे हे तो उसे भी भुन ले।
चावल भुन जाने पर उन्हें हल्का ठंडा होने के लिए रख दे फिर उन्हें एक महीन पाउडर जितना पीस ले।

अब एक कढ़ाही में नारियल को माध्यम आंच पर सेक ले। जब ये अच्छा सिक जाये तब इसमें किसा हुआ गुड डाले। और हल्का सेक ले। सिर्फ इतना ही सेकना हे की ये हल्का गरम हो जाये तो नरम होकर लड्डू बाँधने जेसा हो जाये।

लड्डू बांधना -
इस तैयार गुड के मिश्रण को चावल के आटे में मिला दे। मेवे, इलाइची पाउडर मिलाये। हाथो पर हल्का पानी लगा कर लड्डू बांधे। अगर लड्डू बंधने में दिक्कत आ रही हो लड्डू का मिश्रण सख्त हो तो इसमें ढूढ़ या घी अपने स्वाद के अनुसार इतना मिलाये जितने से मिश्रण लड्डू बंधने जेसा हो जाये। सजावट के लिए चांदी का वर्क और केसर काम में ले।

कुछ हटके -
(अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
- गुड को हल्का गरम करने के बजाये इसे चाशनी बना कर भी लड्डू बनाये जा सकते हे। इसके लिए 1 कप पानी में गुड और केसर और इलायची दल कर पकाए। इसे उबलने तक पकाए और ऊपर से चाशनी की गन्दगी को हटा कर साफ कर दे। अब इसे भुने आटे और भुने नारियल में मिला कर लड्डू बनाये।
- नारियल को आप चाहे तो बिना भुने भी काम में ले सकते हे। बस ये सब आपकी imagination और स्वाद पर हे की कितना स्ट्रोंग स्वाद आप पसंद करते हे।
- किसी से बात करते हुए मुझे ये भी पता चला की ये लड्डू तेल में तल कर भी बनाये जा सकते हे। इसके लिए चावल के आटे में नारियल और किसा हुआ गुड और मेवे मिला कर हल्का ढूढ़ या घी या पानी दाल कर लड्डू बना ले फिर इसे गरम तेल में तल ले। ठंडा होने पर खाए और खिलाये। ये मेने try नहीं किये अगर आप करे तो मुझे बताये केसे लगे। में भी try करुँगी।

Thursday, 6 December 2012

बूंदी के लडडू - Boondi ke Laddoo



बूंदी के लड्डू किसी भी शुभ उत्सव के लिए हमेशा ही perfect होते हे। ऐसे में अगर इस बार हम अपने उस शुभ कम को अपने हाथो के बने लड्डू के साथ match up करे तो होगी ना वो मीठी शुरुआत।

ध्यान देने की बाते -
लड्डू के लिए बनाने वाली बूंदी की मोटाई हमारे पास available झारा ( छेद वाली कलछी / झविया ) पर depend करता हे। अगर मोतीचूर के लड्डू चाहिए तो बारीक छेद वाली झारा लीजिये।
बेसन नार्मल बारीक बेसन ही काम
में लेना हे।
वेसे तो बूंदी सबसे बढ़िया taste या स्वाद घी में ही देती हे पर हम चाहे तो यहाँ घी की जगह रिफाइन्ड भी कम में ले सकते हे।

बूंदी के लड्डू ( Boondi Ladoo )

सामग्री -
बेसन - 250 ग्राम ( ढाई कप)
घी - 400 ग्राम ( तलने के लिए )
ढूध - 1 गिलास
चीनी - 500 ग्राम ( 5 कप)
पीसी छोटी इलाइची - 1 छोटा चम्मच
बादाम और पिस्ता की कतरन - 2 बड़े चम्मच
सुखी गुलाब की पत्तिया - 1 बड़ा चम्मच
गुलाबजल - 2 - 4 बूँद

विधि -

बेसन का घोल -
बेसन को छान ले और ढूध को मिला कर घोल ले। घोल में lumps यानि गुठलिया नहीं होनी चाहिए। ये घोल इतना पतला होना चाहिए की झारे पर डालने से नीचे से बूंदी जेसा drop drop निकले । इसके लिए चाहे तो एक साथ पूरा ढूध मिलाने की जगह धीरे धीरे करके ढूध मिलाये। इस घोल को 5 मिनिट तक अच्छा फेट ले। चाहे तो इसमें 1 स्पून घी दाल कर भी फेट सकते हे।

चाशनी -
एक पतीले में 1 ग्लास पानी गरम करके चीनी मिला कर चाशनी बना ले। ये चाशनी इतनी गाढ़ी होनी चाहिए की अगर एक बूँद आप प्लेट पर डाले और फिर अपनी अन्घुठे और ऊँगली से चेक करे तो वो हलके चिपकने चाहिए। चाशनी को साफ करने के लिए उबलते समय उसमे एक स्पून ढूध डाल दे। इससे चाशनी में झाग बन जायेंगे और सारा कचरा झाग में ऊपर आ जायेगा। इसे एक चम्मच से अलग हटा दे।

बूंदी तलना -
एक कढ़ाही में तलने के लिए घी गरम करे। घी को कितना गरम करना हे ये चेक करने के लिए उसमे एक एक ड्राप बूंदी का घोल डाले। अगर बूंदी तले से ऊपर आ जाये तो घी पर्याप्त गरम हे। घी के गरम होने पर एक बड़े झारे को कढ़ाही के ऊपर रख कर उस पर एक बड़ा चम्मच बेसन का घोल डाले। झरे को हिलाना नहीं हे। जब बूंदी अपने आप उसमे से गिरना बंद हो जाये तो उसे हटा दे। दुसरे झारे से बूंदी ताल ले। सुनहरा पीला रंग होने तक तले।

लड्डू बांधना -
अब इस बूंदी को चाशनी में डाले। सरे घोल की बूंदी बना ले और सब को चाशनी में डाल दे। अब इसमें गुलाब की पत्तिया , मेवे, इलाइची पाउडर मिलाये। हाथो पर हल्का पानी लगा कर लड्डू बांधे। चाहे तो वर्क से सजाये।

कुछ हटके -
(अगर जो बना हे उसमे से ही कुछ हटके किया जाये यानि एक तीर 2 निशाने तो मजा ही कुछ अलग हे तो बस आइये कुछ try करे)
- बूंदी को चाशनी में नहीं डाले तो ये फीकी बूंदी रायते में भी काम ले सकते हे।
- फीकी बूंदी को गरम में ही चाट मसाला, और बाकि मसाले मिला कर नमकीन में मिला सकते हे।
- लड्डू न बना कर मीठी बूंदी को ऐसे ही मेवे मिलाये, उसे बाउल में डाले फिर ऊपर से क्रीम दल कर सर्व करे।
- क्रीम की जगह वनिला आइसक्रीम भी try की जा सकती हे।